Junior Mehmood Biography And Age

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Junior Mehmood Biography And Age And Life Story

जूनियर महमूद (Junior Mahmood) (नईम सैय्यद) का जन्म 15 नवंबर 1956 मुंबई में हुआ। इनका नाम नईम सैय्यद जोकि आगे चलकर जूनियर मेहमूद के नाम से जाना जाने लगा, जिसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है। नईम सैय्यद से जूनियर महमूद कैसे पड़। जोकि जूनियर मेहमूद ये किस्सा अपने एक साक्षात्कार में बताया था की कैसे उनका नाम जूनियर मेहमूद पड़। जब महमूद अली के साथ सुहाग रात फिल्म की सूटिंग कर रहे थे. Shooting के बाद मेहमूद अली ने अपनी बेटी जिनि के जन्म के अवसर पर सबको बुलाया पर नईम सैय्यद को नहीं बुलाया वो बात नईम सैय्यद के दिल को लग गई। जाकर महमूद अली जी से कहा भाईजान मेरा बाप कोई प्रोडूसर, डाइरेक्टर, राइटर नहीं है तो क्या मै आपके बच्चे के फंक्शन में नहीं आ सकता क्या भाई जान ने मेरी तरफ देखते हुए कहा आना तू भी आना। और मैंने कहा भाई जान मै आकर आपके फंक्शन को हिला डालूंगा। भाई जान बोले तू आकर ऐसा क्या करेगा। मै आपके गाने काले है तो क्या हुआ दिलवाले है पर डांस करूँगा और एक छोटी हेलन भी लेकर आऊंगा। और फंक्शन में धमाल मचा दूंगा।

मेहमूद अली ने सोचा की एक छोटा सा लड़का और नन्ही सी हेलन जब परफॉरमेंस
करेंगे तो कैसा लगेगा। और कहा आना तू भी आना। और हमे अँधेरी जाना था मैं अब्बा को लेकर गया. जब हम स्टेशन से बाहर निकले तो अब्बा ने पूछा की मेहमूद जी का घर कैसे जायेंगे तो मैंने कहा की भाईजान ने भेजा कहा था की स्टेशन से बाहर निकल कर किसीसे भी पूछ लेना की मेहमूद जी का घर कहा है. हमने एक सज्जन से पूछा की मेहमूद जी का घर कहा है तो उसने कहा की ये गाड़िया जहा ख़त्म होंगी वही मेहमूद जी का घर है बड़ी – बड़ी गाड़ियां देख कर मेरे अब्बा घबरा गए और बोले चल वापस घर चलते है मैंने कहा नहीं अब्बा भाईजान बहुत अच्छे इंसान है आप चलिए। किसी तरह हम मेहमूद जी के घर पहुंचे। तो व्हाचमैन ने रोक लिया कहा जा रहे हो उसमे व्हाचमैन की भी गलती नहीं थी क्योकि हमने कपडे ही ऐसे पहने हुए थे।

मैंने व्हाचमैन से कहा की मैं भाईजान के साथ सुहागरात फिल्म में काम कर रहा हु मैंने फिल्म में भाईजान के साले का रोल किया है। तब जाकर व्हाचमैन को लगा की जो बोल रहा है तो सच ही बोल रहे होगा। तब व्हाचमैन ने कहा जाओ पर सामने से मत जाना पीछे से जाना खाना बन रहा है। जब हम पीछे से मेकअप रूम में पहुंचे वहा गोपी किशन जी और अब्दुल रहमान साहब जो के उस दौर के बहुत बड़े कौवाल थे तैयार हो रहे थे।वहा जब हम पहुंचे तो मैंने सोचा की भाई जान तक मैसेज कैसे पहुंचाया जाए तो मैंने देखा की एक सज्जन जो की स्टेज पर कभी इधर कभी उधर आ जा रहे है। मैंने उनको बुलाते हुए कहा अंकल भाईजान से कहना नईम आया है। उन्होंने मेरी तरफ देखा हु करके अंदर चले गए। तो मेरे अब्बा ने मुझे पीछे से मारते हुए कहा अबे तूने जिसे भाईजान को बुलाने के लिए कहा है तुझे पता भी है कौन है वो मैंने कहा नहीं क्योंकि मै किसी को नहीं जनता था। पर मेरे अब्बा सबको जानते थे।

तब उन्होंने कहा की वो जिनको तूने भाईजान तक संदेश पहुंचाने को कहा है वो अमिन सायानी साहब है बिनाका गीतमाला बड़ी बात ये नहीं की मैंने आमीन जी को भाई जान को बुलाने के लिए कहा बड़ी बात ये है की वो गए और भाईजान आये। भाईजान ने आते ही कहा की आ गया तू चल जल्दी से तैयार हो जा जब मै बोलू तब आ जाना। जो मै नाचा वहा भाईजान तो पगला गए। पूरी मेहफिल पगला गई। मै तो था ही छोटा सा गोदी में उठा लिया। ओम प्रकाश अंकल थे ही वहा दिलीप जी को छोड़कर सभी वहा थे। भाईजान ने मेरे अब्बा को बुलाया और कहा की एक काम करिये की इस बच्चे को मेरे कंट्रोल में रखिये कल बच्चे को रंजीत स्टुडियो ले आइये इसे चेला अपना चेला बनाया। सवा पांच रुपये दिए और गंडा बांधा पचास पैसे की मिठाई बाटी ये जानिए बहुत ही सस्ते में एक छोटा सा कलाकार इतने बड़े नाम को ले पाया तब से मेरा नाम जूनियर मेहमूद पड गया।

जूनियर मेहमूद जी कहते है की मेरे अब्बू की महीने की इनकम 350 रूपये थी। 1969
तब मै 3,000 रुपये मांगा करता था। उस समय में पुरे मुंबई में 10 या 12 इम्पाला कार थी तब उनमे
से एक जूनियर मेहमूद के पास थी। जूनियर मेहमूद के अब्बू रेलवे में ट्रेन ड्राइवर थे। जूनियर मेहमूद 2 बहने 4 भाई थे। इनका एक भाई फिल्म लाइन में स्टील फोटोग्राफी किया करते थे। जूनियर मेहमूद बचपन से ही एक्टिंग का शौक था स्कूल में पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगता था। फिल्मो के हीरो की नक़ल किया करते थे। अपनी ही स्क्रिप्ट तैयार करके टीचर और सहपाठियों का
मनोरंजन किया करते थे। जूनियर मेहमूद हमेसा भाई के साथ फिल्मो की सूटिंग पैर जाने की जिद्द किया करते थे। एक दिन जूनियर मेहमूद को उनके भाई सूटिंग पर ले जाने को तैयार हो गए। और एक सर्त रखी की वहा कुछ नहीं बोलेगा।

तब मै सूटिंग पर ले जाऊंगा और मैं मान गया। वो जूनियर मेहमूद को एक फिल्म कितना नाज़ुक है दिल के सेट पर ले गए जहा ग्रेट कॉमेडियन जोनिवाकर टीचर बने हुए थे और एक बच्चे को डाट रहे थे की तू स्कूल इतनी लेट क्यों आया और बच्चा अपना डायलॉग सही से नहीं बोल पा रहा था। रिटेक पर रिटेक होते जा रहे थे और डारेक्टर बच्चे को प्यार से समझा रहा थे तभी मैंने पीछे से कहा डायलॉग बोलने आता नहीं चला आया पिक्चर में काम करने को डायरेक्टर ने घूम कर देखा और मुझसे की ये डायलॉग आप बोल सकते है।

मैंने कहा मै तो बड़े अंकल का डायलॉग भी बोल सकता हूँ। तो बच्चे को बुलाकर कहा ये कुरता उतारकर इस बच्चे को देदो। वो शॉट एक टेक में ओके हो गया। तालिया बजने लगी मै तो उस दिन का हीरो हो गया। पैकअप हुआ मुंसी आया एक वाउचर पर साइन करवाया और 5 रूपये दिए। उस टाइम में 5 रुपये की बड़ी अहमियत हुआ करती थी। मेरे भाई को उस टाइम 3 रुपये मिला करते थे जो की 8 घंटे काम करने के बाद मिला करते थे। और मुझे एक टेक में मिल गए वापस आते समय मैंने भाई से बात नहीं की उसे मैं छोटा समझ रहा था।


जूनियर मेहमूद की पहली फिल्म कितना नाज़ुक है दिल थी। जोकि किसी कारन से परदे पे नहीं
आ सकी। जूनियर महमूद ने अब तक 7 अलग-अलग भाषाओं में 265 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके है और 6 मराठी फिल्मों के निर्माता है। और निर्देशन भी किया। जूनियर मेहमूद की मुख्य फिल्मे : नौनिहाल, वासना, सुहागरात, संघर्ष, परिवार, फरिस्ता, ब्रम्हचारी, घर घर की कहानी, राजा साब, प्यार ही प्यार, दो रास्ते, कटी पतंग, हांथी मेरे साथी, मुकद्दर का सिकंदर, अन्य कई बेहतरीन फिल्मे की और टीवी सीरियल में भी काम किया जैसे की प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा जो की 2012 में स्टार प्लस पर दिखाया गया। दूसरा सीरियल एक रिश्ता साझेदारी का जो की 2016 में सोनी सेट पर दिखाया गया। तीसरा सीरियल तेनाली रामा जो की 2019 से प्रदर्शित हो रहा है जिसमे उन्होंने मुल्ला नसीरुद्दीन का किरदार निभाया है।

1972 वह वर्ष जब जूनियर मेहमूद को बी नागिरेड्डी के घर घर की कहानी फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था । जूनियर मेहमूद को टीवी शो मुल्ला नसीरुद्दीन के रूप में मिस्टर एंड मिस एंड फेस ऑफ इंडिया (2015) के लिए प्रतिष्ठित फेस राष्ट्रीय गौरव अवार्ड द्वारा सम्मानित किया गया। जूनियर मेहमूद का छोटा भाई है जिसका नाम एम नसीम है जो लगभग 20 साल से बॉलीवुड इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। वह कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में 2018 से मूवमेंट क्रिएशंस कंपनी से जुड़े हैं।

Ananya Pandey Biography

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