बी आर चोपड़ा की महाभारत के 18 रहस्य। 18 वा रहस्य चौंका देगा आपको

B R चोपड़ा की महाभारत

दौपदी चीर हरण

श्री वेद व्यास द्वारा रचित हिन्दू महाकाव्य महाभारत को मशहूर डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने टेलीविज़न पर उतरा था जिसे कुछ लोग B R चोपड़ा की महाभारत भी कहते है। महाभारत को रवि चोपड़ा के पिता बी आर चोपड़ा ने प्रोडूस किया था। इसका पहला एपिडोस  2 अक्टूबर 1988 को हुआ था। 94 एपिसोड की सीरीज के बने इस प्रोग्राम का आखरी एपिसोड 24 जून 1990 दिखाया गया था।  महाभारत को टी वि सीरीज का गोल्डन प्रोग्राम कहा जाता है इसे  IMDB ने 8.9 रेटिंग दी है।
इसने एक पूरी जनरेशन  को अपना दीवाना बना दिया था , जो रविवार को प्राइम टाइम इसे देखने के लिए  घंटो  पहले  अपने  टेलीविज़न सेट  के सामने बैठ जाते थे। बताया जाता है की महाभारत और रामायण को देखने के लिए लोग अपना काम काज सब छोड़ देते थे। महाभारत की प्रसिद्धि सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि इसे लोग USA UK और बाकी देशो में भी देखना पसंद करते थे। गार्डियन के एक रिपोर्ट के अनुसार महाभारत कथा बीबीसी पर लग भग पचास लाख लोगो ने देखा था
आइये जानते है महाभारत से जुडी कुछ इंटरेस्टिंग बातें :

  • इस महाभारत पर बनी डॉक्यूमेंट्री “महाभारत की महाभारत” में बताया गया की 1988  के वक्त में बने इस प्रोग्राम की लागत लग – भग 9 करोड़ रूपए आयी थी।
  • बी आर चोपड़ा चाहते थे इस महाकव्य का नैरेटर कोई भारी  भरकम आवाज़  वाला व्यक्ति  करे । इसके लिए वह चाहते  थे, की यह काम दिलीप कुमार साहब करे मगर एक घटना के दौरान डॉक्टर राही मासूम रज़ा ने जैसे ही कहा “मैं समय हूँ” चोपड़ा  साहब ने तय किया की रज़ा साहब ही इस प्रोग्ग्रम  का  नरेशन  करंगे.
  • सतीश भटनागर और उनकी टीम ने B R चोपड़ा की महाभारत के रिसर्च के दौरान महाभारत से जुडी कई किताबे पड़ी थी
कितना कमाते थे महाभारत के कलाकार
कितना कमाते थे महाभारत के कलाकार
  • डॉक्टर राही मासूम रज़ा ने मुस्लिम होते  हुए इस हिन्द महाकाव्य के डॉयलोग्स लिखने का ज़िमा उठाया। क्यूंकि, उन्हें  लगता था  की महाभारत की घटना को आज के शब्दों से दर्शाया जा सकता हैं।
  • बी आर चोपड़ा की टीम  की फाइनल रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस सीरियल को 104  एपिसोड में बनाने का तय किया था। पर बाद में इसे मात्र 94 एपिसोड्स में ही पूरा कर लिया गया था।
  • रवि चोपड़ा ने अपने पिता के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को बनाने का नेतृत्व किया। डॉक्टर रज़ा ने बताया की रवि ने इस ज़िम्मेदारी को अपने महान पिता से ज़्यादा अच्छे तरीके से पूरा किया था।
  • इस महान सीरियल का पार्ट बनने के लिए लगभग 15000 लोगो ने पेशकश की थी।लेकिन कास्टिंग टीम ने 1500 लोगो को शॉर्टलिस्ट कर के ऑडिशन के लिए बुलाया था।
  • गुफी पेंटल को कास्टिंग करने का ज़िम्मा दिया था। और उनको इस काम को पूरा करने में लगभग 8 महीने का वक्त लगा था। गुफी ने महाभारत में शकुनि का किरदार भी अदा किया था।
  • महाभारत में काम करने वाले सभी एक्टर्स लगभग नए ही थे। सिवाय, राज बब्बर और देबाश्री रॉय के जिन्होंने राजा भरत और सत्यवती के किरदार अदा किया था।
  • भगवान श्री कृष्ण के किरदार के लिए 55 से ज़्यादा लोगो को शॉर्टलिस्ट किया गया था। इसमें गजेंद्र चौहान और ऋषभ शुक्ला के नाम भी शामिल थे। लेकिन, चोपड़ा साहब नितीश भरद्वाज को इस किरदार के लिए फाइनल किया।क्यूंकि, उनका ये कहना था की नितीश की मुस्कान उन्हें इस किरदार के लिए औरो से अलग बना देती है।
  • मुकेश खन्ना को पहले दुर्योधन के लिए फाइनल किया गया था। पर उन्होंने इस किरदार को करने से मना कर दिया था। मुकेश खन्ना के अनुसार वह अर्जुन या कर्ण का किरदार अदा करना चाहते थे पर बाद में उन्हें द्रोणाचार्य का किरदार ऑफर किया गया। और सीरियल के मुहरत वाले दिन यह निश्चय किया गया की मुकेश खन्ना भीष्म का किरदार करेंगे।
  • प्रवीण  कुमार जिन्होंने भीम का किरदार अदा किया था। हम में से कुछ ही लोग जानते है की वो एशियन गेम्स में गोल्ड मेडलिस्ट है। उन्हें भीम के कॅरेक्टर के लिए पुनीत इस्सर ने रेकमेंड किया था
  • नकुल और सहदेव का कॅरेक्टर करने वाले समीर और सुनील चित्रे दोनों सगे भाई थे।
  • जैसा की हम जानते है की अर्जुन का किरदार फ़िरोज़ खान ने अदा किया है। यह किरदार पहले जैकी श्रॉफ को दिया जाने वाला था। पर ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद भी यह किरदार फ़िरोज़ को मिला। बाद में फ़िरोज़ ने अपना नाम बदल कर अर्जुन रख लिया।
  • जूही चावला से रामय कृष्णन कुल मिला कर 6 लोगो को द्रौपदी का कॅरेक्टर ऑफर किया गया था पर जूही चावला फिल्मो में बिजी होने के कारण महाभारत का पार्ट नहीं बन पायी।बाद में यह रोल रूपा गांगुली को ऑफर किया गया। अभी रूपा BJP की नेता है।
  • अभिमन्यु का चरित्र पहले गोविंदा और चंकी पांडेय को ऑफर किया गया था। पर उनके पास शूटिंग के लिए डेट्स न होने की वजह से यह किरदार मास्टर मयूर ने किआ था।
  • माया महल का सीन शूट करने के लिए क्रोमा का इस्तमाल किया गया था।
  • द्रौपदी चीर हरण के लिए 250 मीटर की साड़ी बनायीं गयी थी । जबकि, जो सारी रूपा ने पहनी थी वो मात्र 6 मीटर लम्बी थी । 

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