क्यों डरते थे राजेश खन्ना रामायण के मेघनाथ से

क्यों डरते थे राजेश खन्ना विजय अरोरा से

क्यों डरते थे राजेश खन्ना विजय अरोरा से

जहा एक तरफ देश में lockdown चल रहा है वही दूसरी तरफ DD नेशनल को पुनर जन्म देने वाले प्रोग्राम रामायण lockdown के दौरान सबसे ज़्यादा दिखाया जा रहा है। इस प्रोग्राम का हर चरित्र हमेशा के लिए अमर हो गए और उसी नाम में एक नाम है विजय अरोरा का विजय अरोरा ने अपने हुनर से मेघनाथ के चरित्र में 4 चाँद लगा दिए थे।

आप को ये बात जानकार हैरानी होगी की एक वक्त में राजेश खन्ना ने कहा था की उनकी जगह अगर कोई बॉलीवुड में ले सकता है तो वह सिर्फ और सिर्फ विजय है।


FTII (Film and Television Institute of India ) से गोल्ड मेडलिस्ट विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1972 में रीना रॉय के साथ फिल्म “ज़रुरत” में नज़र आये थे। उन्होंने राखी और हथकड़ी (1973) में आशा पारेख के साथ अभिनय किया, जिसका गाना “अच्छी नहीं सनम दिल्लगी ” बहुत मशहूर हुआ था। लेकिन उन्हें असली पहचान “फिल्म यांदो की बारात” से मिली (1973) जहा उन्होंने में गिटार बजाते हुए ज़ीनत अमान के साथ रोमांटिक सोंग, “चुरा लिया है” पर 4 चाँद लगा दिए थे। उन्होंने जया भादुरी और वहीदा रहमान साथ भी काम किया। लेकिन बॉलीवुड का ये सितारा भी बॉलीवुड की पॉलिटिक्स का शिकार हो गया था। जिसकी वजह से बॉलीवुड में इनका करियर तो बढ़ता गया पर उनके फ़िल्मी रोल का कद छोटा होता चला गया।

विजय ने अपने करियर में कई सपोर्टिंग रोल भी कई फिल्मो में किये, जैसे रोटी, निशान, सौतन, अनुराग और अवाम। उन्हें अपने करियर में एक बार फिर से पहचान मिली जब उन्होंने रामानंद सागर की रामायण में मेघनाथ के कॅरेक्टर किया, उसके बाद उन्होंने 2 और टीवी प्रोग्राम में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। जहाँ उन्होंने जहांगीर और भारत एक खोज में अहम् भूमिकाये निभाई।

विजय ने अपने लम्बे करियर में कुल 110 से ज़्यादा फिल्मो में काम किया और 500 से ज़्यादा एपिसोड्स में काम किया। उन्होंने कुछ टीवी प्रोग्राम भी प्रोडूस किये थे।

बात करे उनकी ज़िन्दगी की तो उन्होंने मिस इंडिया रह चुकी दिलबर डेबरा से शादी की थी और उनका एक लड़का भी है जिसका नाम फरहाद अरोरा है। साल 2007 में 2 फरवरी को कैंसर की वजह से उनका देहांत हो गया था।

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